मप्र में नामांकित अधिवक्ता अंडरटेकिंग देकर कर सकेंगे वकालत
18 Feb. 2012 19:42 राजेन्द्र कचोलिया इंदौर

मप्र स्टेट बार काउंसिल द्वारा नामांकित अधिवक्ता अब बार काउंसिल आॅफ इंडिया के नियमों के अनुरूप 10 रूपए के स्टांप पर नोटराईज्ड अंडरटेकिंग देकर वकालत कर सकेंगे।
बीसीआई द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बार परीक्षा के चलते यह भ्रम की स्थिति थी कि इसके बिना मप्र स्टेट बार काउंसिल द्वारा नामांकित अधिवक्ता विधि व्यवसाय या वकालत नहीं कर सकेंगे लेकिन स्टेट बार काउंसिल के नए परिपत्र के बाद इसे लेकर संशय दूर हो गया है। काउंसिल के कार्यकारी सचिव मुकेश मिश्रा ने मध्यप्रदेश के सभी अधिवक्ता संघों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि 7 फरवरी की वार्षिक रिपोर्ट में वर्ष- 2011 में नामांकित हुए जिन अधिवक्ताओं की सूची भेजी गई थी यदि उनके द्वारा बार काउंसिल आॅफ इंडिया द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बार परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है एवं काउंसिल द्वारा उन्हें परीक्षा के प्रमाणपत्र के साथ परिषद द्वारा सनद, परिचय पत्र दे दिया गया है तो ऐसे अधिवक्ताओं को विधि व्यवसाय शुरू करने में कोई रूकावट नहीं है । इसी तरह नामांकित सदस्यों ने इस वर्ष 8 जनवरी को आयोजित अखिल भारतीय बार परीक्षा में हिस्सा लिया है तो उनके द्वारा काउंसिल को बीसीआई के नियमों के अनुरूप 10 रूपए के स्टांप पर नोटराईज्ड अंडरटेकिंग दी गई है तो ऐसे अधिवक्ता परीक्षा का परिणाम आने तक वकालत कर सकेंगे अलबत्ता वे परीक्षा में असफल हुए तो उन्हें विधि व्यवसाय की पात्रता नहीं रहेंगी। यह अंडरटेकिंग केवल एक बार ही मान्य होगी।
गौरतलब है कि 7 फरवरी की रिपोर्ट में काउंसिल ने सभी अधिवक्ता संघों को इन अधिवक्ताओं की सूची भेजी थी जिसमें एडवोकेट एक्ट की धारा 49 का हवाला देते हुए कहा गया था कि अखिल भारतीय बार परीक्षा उत्तीर्ण करने एवं विधि व्यवसाय का प्रमाणपत्र मिलने पर ही उनके द्वारा कोर्ट/ अधिकरण या फोरम के समक्ष वकालत कर सकेंगे। तब तक ऐसे अधिवक्ता निर्धारित गणवेश, बैंड या गाऊन भी नहीं पहन सकते है।